शिक्षा ही विकास का मार्ग हे

शिक्षा ही एक ऐसा माध्यम है जो न केवल मानव के चरित्र को पवित्र, आत्मसंयमी व सुंदर बनाती है वरन हमें यह भी सिखाती है कि प्रकृति से सामजस्य कैसे बिठाया जाये और कैसे हम प्रकृति के अनुसार लचीले, परिवर्तनशील व अनुकूलन कर सके जिसका ताजा उदहारण कोरोना जैसी महामारी के परिपेक्ष्य में देख सकते हैं जिसमे हम सभी बाहर निकलने का पुरजोर प्रयास कर रहे हैं शिक्षा हमेशा हमें कुछ ना कुछ सिखाने का माध्यम है जीवनपर्यंत तक | शिक्षा केवल धन अर्जित करना और डिग्री लेना ही नहीं है वरन हमारे व्यक्तित्व का विकास है | शिक्षा ही ऐसा द्वार है जिससे हम सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान कर सकते हैं उन्हें शिक्षित करके | जिससे उनका व्यक्तिगत, चारित्रिक,आर्थिक, सामाजिक, नैतिक व मनोवैज्ञानिक विकास हो सकता है इसलिए इस शिक्षा रूपी लौ को हमें न केवल जलाना है वरन उसे ओर प्रकाशवान करने के लिए मिलकर आगे आना चाहिये जिससे समाज सुद्रढ़ व सुंदर बन सके |

एक दुर्घटना

हमारे ग्राम -बनखंडा जनपद -हापुड़ (उत्तर प्रदेश)के स्वर्गीय अतर सिंह ( कोली)का एक दुर्घटना के कारण उनका आकस्मिक निधन हो गया MMC हॉस्पिटल मेरठ में उनके पार्थिव शरीर को लेने के लिये उनके परिवार के पास धनराशि न होने के कारण हॉस्पिटल वालों ने पार्थिव शरीर देने से मना कर दिया मुझे किसी तरह इसकी सूचना प्राप्त हुई
मेने हॉस्पिटल की शेष बिल का भुगतान कर पार्थिव शरीर को परिवार को दिलवाया उनके परिवार में उनकी पत्नी ओर छः बेटियाँ हे मेरी संवेदना उनके परिवार के साथ हे भविष्य में उन बेटियों की शिक्षा में जो सहयोग बन पड़ेगा में जीवनभर उस परिवार के साथ खड़ा रहूँगा शायद मुझे लगता हे कि यही मानवता हे जिससे हटना नहीं चाहिए

पंडित जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि पर

“बुराई अनियंत्रित होती है, बुराई ने पूरी व्यवस्था को जहर दे दिया।”

पंडित जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि पर सत सत् नमन 🙏🙏

मेरा सपना हे कि मेरे सभी विद्यार्थी अपने जीवन में अपने लक्ष्य को प्राप्त करें मेरी शुभकामनाएँ उनके साथ हे

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